महापंचायत में महापड़ाव की चेतावनी

शाहपुरा। बंजारा समाज ने मुक्ति दिवस पर महापंचायत बुलाकर सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दे दिया। बंजारा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश बंजारा व घुमन्तु महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव मानसिंह बंजारा ने कहा कि बंजारा बस्ती में तोड़फोड़ व आगजनी के मुख्य आरोपितों को इस दौरान नहीं पकड़ा गया तो जयपुर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव होगा। ढिकोला की बंजारा बस्ती में हुई महापंचायत में मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री नारायणसिंह गरासिया ने कहा कि इस सत्र की यह 15वीं घटना हैं। अब विमुक्त, घुमंतु, अर्द्ध घुमंतु व दलित समाज पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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गरासिया ने पुलिस-प्रशासन के प्रयासों की तारीफ की। बंजारा टाइगर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आत्माराम जाधव ने इस घटना के पीछे भू-माफिया व सत्तारूढ़ नेताओं का हाथ बताकर इसे निंदनीय बताया। विमुक्त, घुमन्तु, अर्द्ध घुमन्तु जाति कल्याण बोर्ड के चेयरमैन गोपाल केशावत, राष्ट्रीय बंजारा क्रांतिदल के प्रदेश अध्यक्ष वृजेन्द्र सिंह, एबीएसएस प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्माणसिंह सांखला ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सांसद व विधायक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और न ही पीडितों की सुध ली। महापंचायत को राज्य के बाहर से आए रोडू, वीरसिंह बंजारा, दिनेश गरासिया, सागर कच्छावा, मुकेश गरासिया, विजय चंदेल, कालूराम व दिनेश बंजारा आदि ने भी सम्बोधित किया। महापंचायत में संघर्ष समिति का गठन किया गया। संयोजक कालू बंजारा ने बताया कि समिति पीडितों को मिल रहे मुआवजा, सुविधा व गांव में हो रहे कार्यो पर नजर रखेगी। मुक्ति दिवस पर विभिन्न राज्यों से आए बंजारा समाज के लोगों ने अपने कुल व लोक देवता को याद किया। महापंचायत के बाद तहसीलदार अजीत सिंह को मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय व प्रधानमंत्री के नाम 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ये हैं प्रमुख मांगें घटना की उच्चस्तरीय एवं न्यायिक जांच, मुख्य व सभी आरोपितों की गिरफ्तारी, पीडित परिवारों को 10-10 लाख रूपए का मुआवजा, आवासीय पट्टा जारी करना, बस्ती में अस्थायी पुलिस चौकी खोलने, लूटपाट के गहने व राशि बरामद करवाने, पीडितों को बिना ब्याज के ऋण देने, बेघरों को पक्के मकान बनाकर देने आदि की मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं। शाहपुरा। बंजारा समाज ने मुक्ति दिवस पर महापंचायत बुलाकर सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दे दिया। बंजारा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश बंजारा व घुमन्तु महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव मानसिंह बंजारा ने कहा कि बंजारा बस्ती में तोड़फोड़ व आगजनी के मुख्य आरोपितों को इस दौरान नहीं पकड़ा गया तो जयपुर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव होगा। ढिकोला की बंजारा बस्ती में हुई महापंचायत में मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री नारायणसिंह गरासिया ने कहा कि इस सत्र की यह 15वीं घटना हैं। अब विमुक्त, घुमंतु, अर्द्ध घुमंतु व दलित समाज पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गरासिया ने पुलिस-प्रशासन के प्रयासों की तारीफ की। बंजारा टाइगर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आत्माराम जाधव ने इस घटना के पीछे भू-माफिया व सत्तारूढ़ नेताओं का हाथ बताकर इसे निंदनीय बताया। विमुक्त, घुमन्तु, अर्द्ध घुमन्तु जाति कल्याण बोर्ड के चेयरमैन गोपाल केशावत, राष्ट्रीय बंजारा क्रांतिदल के प्रदेश अध्यक्ष वृजेन्द्र सिंह, एबीएसएस प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्माणसिंह सांखला ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सांसद व विधायक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और न ही पीडितों की सुध ली। महापंचायत को राज्य के बाहर से आए रोडू, वीरसिंह बंजारा, दिनेश गरासिया, सागर कच्छावा, मुकेश गरासिया, विजय चंदेल, कालूराम व दिनेश बंजारा आदि ने भी सम्बोधित किया। महापंचायत में संघर्ष समिति का गठन किया गया। संयोजक कालू बंजारा ने बताया कि समिति पीडितों को मिल रहे मुआवजा, सुविधा व गांव में हो रहे कार्यो पर नजर रखेगी। मुक्ति दिवस पर विभिन्न राज्यों से आए बंजारा समाज के लोगों ने अपने कुल व लोक देवता को याद किया। महापंचायत के बाद तहसीलदार अजीत सिंह को मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय व प्रधानमंत्री के नाम 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ये हैं प्रमुख मांगें घटना की उच्चस्तरीय एवं न्यायिक जांच, मुख्य व सभी आरोपितों की गिरफ्तारी, पीडित परिवारों को 10-10 लाख रूपए का मुआवजा, आवासीय पट्टा जारी करना, बस्ती में अस्थायी पुलिस चौकी खोलने, लूटपाट के गहने व राशि बरामद करवाने, पीडितों को बिना ब्याज के ऋण देने, बेघरों को पक्के मकान बनाकर देने आदि की मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं।

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