मेरे अकेले सोचने से क्या होगा????

जय सेवालाल भाईयो
हमारा बंजारा समाज का इतिहास सदियों पुराना है।
और आज कहाँ है? इसके जिम्मेदार हम खुद है।क्योंकि जब तक हमें समज नही आयेगी की कल क्या था, आज क्या है, और आने वाले दिनों मे क्या होगा।तब तक यही चलता रहेगा।भाईयो मुझे बस यही कहना है। की जो हम आज कर सकते है।वह कल नही हो पाएगा।क्यों की दिन ब दिन समाज टुठता जा रहा है।हमें सभी भाईयो को एक होकर आगे आना है।हमारे सभी भाईयो को जोड़कर सभी को न्याय दिलाना है।यह सब मुमकीन है।अगर आप सोचते हो की मेरे एकले से क्या होगा।तो यह गलत है।क्योंकि सुरूवात कभी भी एक से ही होती।भाईयो आज हमें हमारे समाज आगे लाना होगा। क्योंकि हमारा समाज आज बहूत पिछे है।इसके कारण भी हम खुद है।
क्योंकि हम सब हमारे आपने ही बारे मे सोचते है।भाईयो हम कितने भी बढ़े होगये तो भी कुछ मायने नही।क्योंकि समाज पिछे है।अगर हम गरिब है।और समाज आगे है।तो बहूत फर्क पड़ता क्यों? क्योंकि गरिब से अमीर हो सकते है लेकिन समाज का अस्तित्व बनाना बहूत मुश्किल है।यह सब हम आज कर सकते है।क्योंकि हमारे पास आज हमारे पुराने खयालो के हमारे बुजुर्ग हमारे माता पिता और हमारे भाई बहने है।यही मौका है।हमें कुछ कर दिखाने का।

धन्यवाद……….

समाजहिंत चिंतक

गोर…गजानन डी.राठोड
        स्वयंसेवक
गोर बंजारा संघर्ष समिति भारत
9619401377

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