“सत्य कर्म”

दोस्तों,भाईयो और बहनों
जुडो समाज से और जोडो समाज को।यही सत्य जिवन है।सत्य ही जिवन याञा है।जो भी इस मार्ग से चलेगा वही सफलतापूर्वक मंजिल तक पहूच सकता है।
इसीलिए।हमें हमारे सभी भाईयो को एकसाथ लाने का प्रयास करते रहना है।यह सब तभी मुमकीन होगा। जब हम खुद निःस्वार्थ और सत्य कर्म से जोड़गें।
हम जो भी करेंगे सत्य के अनुसार ही करेंगे।
और दोस्तों हम सभी को यह हक्क है।की हम कुछ अच्छा कर दिखाएँ।हमारे समाज मे संत सेवालाल बापूजी ने जन्म लिया और हमें मार्गदर्शन दिया।और हम क्या कर रहे है।
इसीलिए हमें खुद मे बदलाव लाना बहूत जरूरी है।हम अगर कोई भी बात सत्य से करेंगे तो वह निश्चित है।की जो हम चाहते है।वह होना ही है।यही सत्य है।अच्छा सोचते हो तो अच्छा ही होगा।धन, दैलत, शौरत के पिछे मत जाइए।वहाँ “अंत” है।”मोक्ष” नही।
अगर मोक्ष की प्राप्ती चाहते हो तो पहले आप बदलो। आपने परिवार मे बदलाव लाएँ। उसके बाद आप समाज को बदल सकते है।यही जिवन है।

धन्यवाद दोस्तों
👏👏👏👏👏

गजानन डी.राठोड
स्वयंसेवक
गोर बंजारा संघर्ष समिति भारत,
9619401377

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