“सत्य मे है ईश्वर”

१) सबसे पहिले सत्य क्या हैं उसे जानो..!!
२) सत्य की राहपर चलने की कोशिस करो | तांकी आपके उपर जलने वालो को आपकी जरूरत पडे..!!
३) कोई कुछ भी कहे आप आपना सत्य का रास्ता मत छोडो..!!
४) सत्य एक ना एक दिन आपके साथ हैं | पापीओका नाश जरूर होता हैं | दृष्टकर्मी लोग सिर्फ मानसंमान की भावनासे जुडते हैं | उन्हे किसी की भलाई की कोई फिकर नही होती..!!
५) स्वार्थी इंसान किसी का भला नही चाहता | न वो किसी का भला देखता हैं ना किसी का भला करता.सिर्फ अपने लिऐ जिवन बिता ता हैं |
६) आप जितने सचे और निष्टासे समाज के प्रती काम करोगे उत्नाही आपको समाजे के लोग कष्ट देंगे क्यो की उन्हे मालुम नही हैं के एक दिन जित सच्चाई कि होने वाली हैं |
७) सत्य ही ईश्वर हैं जहॉ सत्य हैं वहॉ ईश्वर हैं | चाहे वोर किसी गरीब की कुटीया (झोपडी) हो या किसी राजा का महल..सिर्फ सत्य होना चाहियें..!!
८) जबतक आप सत्य को नही जानोगे तबतक आपको किसी का भला होना या करना अच्छा नही लगेगा..!!
९) आपके पास चाहे कितनी भी दौलत क्यो ना हो दुनिया आपको आपके कर्मोसे जानती हैं | दौलत रावन के पास भी बहुत थी और बिबिषन के पास भी..!!
१०) दुनिया कुच्छ भी कहे आपका रास्ता आपको नही बदलना हैं |…
सत्य ही ईश्वर हैं !! जानो और  पहचानो..सत्य सत्य सत्य..!!
सौजन्य :- गोर कैलास डी.राठोड
स्वयंसेवक गोर बंजारा समिती भारत,

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