Author: Kailash Rathod

बणजारा अन बंजारा ये सांस्कृतिक नंजरेती दी भिन्न भिन्न समाज!

वाते मुंगा मोलारी My swan song बणजारा अन बंजारा ये सांस्कृतिक नंजरेती दी भिन्न भिन्न समाज! “बणजारा” अन “बंजारा” ये दोयी शब्द जसो व्याकरणेर नंजरेती दी भिन्न भिन्न
Read More

गोरमाटी भाषारो एक आसली मुंडो…!

वाते मुंगा मोलारी my swan song गोरमाटी भाषारो एक आसली मुंडो…! “उच्चार” ये ध्वनी संकेतेसारु गोरमाटी भाषा व्यवहारेमं “वाचा” इ शब्द प्रचलित छ.भाषा शास्त्रेर डिलेती दिटे केलं तो
Read More

गोर याडी बोलीरो रुप..!

वाते मुंगा मोलारी my swan song गोर याडी बोलीरो रुप..! खरो तो गोरमाटी भाषानं “बोली”केणू ई गोरमाटी भाषापं अन्याव करे सरिको विये.भारतेमं जतरी भी बोलीभाषा विये ये से
Read More

गोरच करतेते,दसराव:- प्रा.गोकुळ आडे वाशिम.

“गोरच करतेते” काहा व्हेरे गोरूर हाल आतरी वाते तु मातेम घाल बालाजी दारेम पुजा घरेम पीर खुटान बांधतेते दसराव अन दवाळीन चोको घरेम पुजतेते सेगाम शिरडी पंढरी कासी
Read More

धर्म…

धर्म… वलख मार रपीया, काचलीर वलख मार नव गेणारी कुं माणू हिंदू धर्मेन धर्मे मार गोर……।। अलग रेनो ,अलग बाणो अलग छ सण,अलग छ तेवार कुं करण माणू
Read More

पेलो पाणी:- गोरमाटी कविता.

पेलो पाणी अभाळ गरजो मरग लागो अंग ,अंग तावडो लार , लार छेंडी…।। मरगेर पहेल बुंद जमीप पडी मचगो कळोल जंगलेमाई मोरेर अवाज मलखेमाई बदल घडो मरगेमाई….।। पाणी
Read More

अंगठा छाप विकास,गोरमाटी कविता.

“अंगठा छाप विकास” म छू अंगठा छाप करू टांढेर विकास अवगी निवडणुक भरियँ फारंम….।.। ● म छू अंगठा छाप कुं विय विकास वावरेम सुकागी उभी पळाटी घरेम छेणी
Read More

चालतू छेडा,गोरबोली भाषारो विकास;गोरगणेरो विकास:- भिमणी पुत्र.

राम पोर चालतू छेडा, गोरबोली भाषारो विकास;गोरगणेरो विकास! भाषा ई संस्कृतीसामू जायेर एक हमरस्ता छ.भाषा जर भुलाडी पडगी केलं तो ओ भाषिक संस्कृतीताणू जायेर वाट बंद वे जावचं;करन
Read More

गोर शब्द सैनिकेर हुंमाळो इ नक्कीज निर्णायक ठरेवाळो,:- भिमणीपुत्र मोहन नायक,

वाते मुंगा मोलारी My Swan Song हुंमाळो – एक विद्रोही उद्रेक गोर शब्द सैनिकेर हुंमाळो इ नक्कीज निर्णायक ठरेवाळो..! “गोरमाटी इ दुसरेर इतिहासेपं पोसायेवाळ जमात छेनी उ एक
Read More