Author: Kailash Rathod

“बंजारा समाजाचे एकच आदर्श”

बंजारा समाजाला एकच आदर्श संत सेवालाल महाराज..यांच्या प्रत्येक शब्दामध्ये सार जीवन आहे..त्या शब्दावलीचे संक्षिप्त रूप करा..व विचारा करा..आपल सर्वाचं जीवन धन्य होईल..!! फक्त जय सेवालाल..!! जाणजो..!! छाणजो..!!पचच माणजो..!!
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“जागो अन् उठो”

जय सेवालाल भाईयों👏 जागो..अन् उठो तमारो गोर बंजारा समाज लार रेगोच वोर विचार करो…तमारे समाजेन निस्वार्थी भाईर गरज छ | समाजेर अस्तीत्व बणायर छ | समाजेर गोर गरीबेन
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“रक्षक बणे पेक्षा मार्गदर्शक बणो”

जय सेवालाल भियावों👏 आपणेन समाजेर संस्कृती बचायर छ | जसो याडी बाप वो आपणेवास समाज छं | समाजेर इतिहास प्रत्येक घरेमाईर नांक्या मोठे आपण भाईन मालम रेयेन चावच.करन
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“समय बलवान होता हैं”

“टाईम मॉनेजमेंट” हमे समय का फायदा उठाना चाहियें | समय को बर्बाद होने से बचाना चाहियें | समय को ध्यान मे लेकर काम करना चाहियें | समय का
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एक बंजरा गाऐं जिवन के गित सुनायें..

जय सेवालाल भाईयों👏 उठो, जागो अन् विचार करो..!! जग खुप आंग चलेगो..आपण भी जायर कोशिस करा..!! कोशिस करेवाळेर कोशिस पूर्ण वेजावच..!! करेवाळेन खुप छ न करेवाळेन काई छेनी..!!
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“जुडो अन् जोडो”

भियावो आज काल अलग अलग वाते सांळेम आरीच..!! कोई कच बंजारा समाजेर आरक्षण काडेवाळ छ | तो केनी केरी नोकरीर पदोंतीर पडीच…!! देशेमाईर सरकार कुणशीभी रेयेदो बंजारा समाजेर
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गोर बंजारा गोञ (वंश)

गोर  वंशीयो के सामाजिक धार्मिक जीवन में गोत्र को वंश से अधिक महत्त्व दिया जाता है। जिस गोत्र में उसका जन्म हुआ ,उस गोत्र के सात पीढ़ियों के
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जय सेवालाल स्वच्छ विचार,

रांगोळी पुसली जाणार हे माहीत असूनही ती जास्तीत जास्त रेखीव काढण्याचा आपला प्रयत्न असतो. तसेच, आपले जीवनही पुसले जाणार आहे हे माहीत असूनही आपण ते रांगोळीप्रमाणेच जास्तीत जास्त
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जो लोट के फिर ना आये…!!

“यह कविता उन्ह बचों को समर्पित” जो पाकिस्तान मे हुई घटना मे शहिद हुयें हैं | “मॉ मै आज स्कुल नही जाता,शायद तुम्हे फिर से देख पाता..!! तेरी
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