Author: Raviraj S. Pawar

Very Beautifully Written

ऐ सुख तू कहाँ मिलता है क्या तेरा कोई स्थायी पता है क्यों बन बैठा है अनजाना आखिर क्या है तेरा ठिकाना। कहाँ कहाँ ढूंढा तुझको पर तू
Read More