Category: Banjara Community

“तांडा”एक अदभुत संकल्पना”

“वाते मुंगा मोलारी” भीमणीपुत्र “तांडा”- “तांडो ई मनुवादी छेनी तो बौद्धवादी बी छेनी, तांडा ई एक अदभुत संकल्पना छ जेनं इंग्रजी पारिभाषामं ‘ रोम्यांटिशिझम’ केतू आवचं.जगेर पूटेपं कोर
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“गर्व का इतिहास और शर्म का वर्तमान”

“गर्व का इतिहास और शर्म का वर्तमान” एक बंजारा नाम का प्राचीन समाज था जिसमें गोर समाज के पहले गुरू देमा गुरू के शब्द सिकच सिकावच सिके राज
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“बंजारा समाज के सभी युवकों को यह शपथ ग्रहण करणी होगी”

​!!शपथ!!! संत क्रांतिवीर जगतगुरु सेवालाल बापू के जयंतीअवसर पर ये शपथ लें कि हम हमारी संस्कृति ठीक से याद करे और कोई भी काम या वाच्यता से समाजद्रोह
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“बंजारा समाज सदियो पूराना”

भारत की सबसे सभ्य और प्राचीन संस्कृती सिंधु संस्कृती को माना गया है। इसी संस्कृती से जुड़ी हुई गोर- बंजारा संस्कृती है और इस गोर बंजारा समाज का 
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“अखिल भारतीय बंजारा समाज साहित्य सम्मेलन-केवळ गोर संस्कार व गोर साहित्यानेच परिपूर्ण व्हावे”

​*भाग 3* *बंजारा साहित्य संमेलन- काही तथ्ये व अपेक्षा*     प्रा.दिनेश एस.राठोड     समाज विषया वरील प्रश्नांवर  कथाकथन, नाट्य, काव्यवाचन असे कार्यक्रम हवे विनोदी वक्तृत्व स्पर्धा, बंजारा
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