Category: Bhajan

“जब हमारा दिमाग कमजोर होता हैं। तो गोर माटी समाज कि परस्थितीया बनजाती हैं।:-

जब हमारा दिमाग कमजोर होता है,गोर माटी समाज की परिस्थितियां समस्या बन जाती हैं। जब दिमाग स्थिर होता है तो समाज के ऊपर जो परिस्थितियां  आयीं है ओ
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गोर माटी कविता: लेखक,श्रीकांत पवार

सुधा…   💐🙏 तु आज चायवाळ रस….. सिमेर परं विठोबा……! कुंण जावं आतरी दुर… गाडीलारं नळीया, पायो पंढरपुर !! फुकट मळतो तो से, हर रेल चालं, वोतेताणी खावचं !
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“बंजारा संस्कृती होळी लेंघी” – Banjara Holi Song

पेली समरंण करलो गणपतरो, पेली समरंण… पेली तो समरंण,धरती मातान,पेली तो समरंण,धरती मातान…. उतो नवखंड बोजा वटाई मातारे,पेली समरण,पेली समरण… दुसरो समरण माता पितान र,दुसरो समरण माता पीतानर….
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भूकीया वडतीयारो वेर!

भूकीया वडतीयारो वेर! भूकीया तू जगेमा छूं केछी मोठो चीतोडगडेप वखत आयो जना कत गोतो जेमल फता वेगे सतावीसन सात यातरा भूकीया रेगेछो करेन हामाती बात वखत बांधो
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आजेरो सबदं – केणावट

– दीतवार –              १५/११/२०१५ 🔹दीतवारेम वार छ. 🔹हाडको दीतवार. 🔹जीतरपेरो दाडो दीतवार. 🔹आज – चरको खाणू. === 👉आजेरो सबदं – केणावट. पेनार वाणी = केणावट. केणेम वट
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देव तमारो सेवाभाया कहा दुजेन धोकरेचो

देव तमारो सेवाभाया कहा दुजेन धोकरेचो, बाप छोड़न काका न कहा घरेम गोकरेचो… मसनमान अल्ला भूलेनी, जय भिम आंबेडकर…. मराठा बोलच जिजाऊ शिवाजी, बामळ सावरकर… देमा गरूरे देव
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