ओबीसी कोटे का विभान करने का केंद्र सरकार का निर्णय

ओबीसी कोटे का विभान करने का केंद्र सरकार का निर्णय

इस निर्णय का स्वागत करते है : विधायक हरिभाऊ राठोड

नई दिल्ली, २३ अगस्त : ओबीसी कोटे के तहत २७ %आरक्षण का विभाजन कर घुमंतू तथा अतिमागास जातीयों के लिए अलग से कोटा देने केंद्र सरकारने निर्णय लिया है. इस निर्णय का हम स्वागत करते है तथा इसक निर्णय के लिए हमने जंगजंग पछाड कर देश के सभी हिस्सो सहीत लोकसभा तक विगत २० सालों से आंदोलन और अन्य संवैधानीक माध्यमों से दी लढाई सफल हुई ऐसी भावना पूर्व सांसद, वर्तमान विधायक तथा घुमंतू समाज के नेता हरीभाऊ राठोड ने व्यक्त की है.

श्री राठोड ने बताया , स्वर्गीय गोपीनाथजी मुंडे ,स्वर्गीय प्रमोदजी महाजन तथा अटलजी तक सभी नेताओं ने इस कार्य को गती दी. काँग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनियाजी गांधी ने भी नेशनल ॲडवायजरी कौंसील में इस संदर्भ में कार्य कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था. वैसे ही 2011 में कानून को मंजुरी दे कर सभी जातीयों की आर्थिक व सामाजिक विकास की जानकारी लेने हेतु सरकार को कानून करने करने पर बाध्य किया .

श्री राठोड ने कहा , राष्ट्रीय पिछडा आयोग के व्ही ईश्वरय्या ने भी मार्च २०१५ में एक रिर्पोट सौंप कर ओबीसी कोटे का तीन भागों में विभाजन करने का सुझाव केंद्र सरकार को दिया था. यह सभी इतिहासhttps://www.haribhaurathod.org इस वेब साईट पर उपलब्ध होने की बात भी श्री राठोड ने कही है.

मोदी सरकार का निर्णय ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल का यह एक ऐतिहासिक तथा सामाजिक न्याय के दिशा एक महत्वपूर्ण निर्णय और मिल का पत्थर साबित होगा ऐसा श्री. राठोड ने कहा है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज ओबीसी कोटे के विभाजन करने के लिए एक आयोग के गठन का निर्णय लिया है. इस आयोग को तीन महिने के भितर अपना रिर्पोट सोंपने के आदेश दिए है.

इस का है डर

डॉ. मनमोहन सिंग के नेतृत्व वाली युपीए सरकार ने ऐसा ही एक निर्णय लेकर डॉ.गणेशदेवी के नेतृत्व में Technical Advisory committee (TAG) का चयन किया था. लेकिन इस कमिटी ने एक बेहतरीन और भविष्य में असरदार साबीत होने वाला रिर्पोट पेश किया था जो की, सामाजिक न्याय दिला ने हेतु महत्वपूर्ण साबित हो सकता था. दुर्भाग्य से यह रिर्पोट आगे चल कर रेणके आयोग ने दखलअंदाज कर दिया और समाज को सामाजिक न्याय से वंचित किया . लेकिन वर्तमान में भी इन्हीं चिजों की पुनरावृत्ती न हो यह मेरी मनशा है.

Haribhau Rathod

इसके लिए ६० करोड आबादी वाली ओबीसी समाज के लोगों ने सतर्क रह कर लढाई लढ कर सरकार आज लिए गए निर्णय का प्रत्यक्ष क्रियान्वय करने के लिए सरकार पर उचित दबाब बनाने का आवाहन श्री. राठोड ने किया है.

क्रिमीलेयर का दायरा ६ लाख रूपयें से बढाकर ८ लाख करने का सरकार द्वारा लिए गये निर्णय का हम स्वागत करते है ऐसा भी श्री. राठोड ने कहा है.

Tag: Haribhau Rathod, OBC, Banjara News

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