पद्मश्री रामसिंग भानावतजी- Ramsingh Bhanwatji Jivan Parichay E-Book

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पद्मश्री रामसिंग भानावतजी का जन्म दिनांक १५ अगस्त १९०६, को फुलउमरी तालुका मानोरा, जि. वाशिम (महाराष्ट्र) में हुआ. वे एक सच्चे समाज सेवक थे. भारत समाज सेवक ( Servents of India Society) के संस्थापक दिवंगत गोपाल कृष्ण गोखले (Gopal Krishna Gokhale)द्वारा स्थापित समाज सेवक संस्था के आजीवन सदस्य बनकर उन्होंने सत्ता, संपती और किर्ती निरपेक्ष तत्त्वों का कठोरता पूर्वक पालन करते हुए समाज की सेवा की. उनकी शिक्षा पांचवी तक ही हो पाई थी और उन्होंने अल्प आयु में जमींनदारो के विरुद्ध किसान आन्दोलन, स्वाधीनता संग्राम और समाज सेवा कार्य में स्वंय को झोक दिया. वे विदर्भ कुल सेवा स, भारतीय आदिम जाती सवाल संघ और अखिल भारतीय बंजारा सेवा संघ (All India Banjara Seva Sangh) से जुड़े थे. उन्होंने पुरे भारत में तथा यूरोप के १३ देशों में भ्रमण कर बंजारा तथा रोमा जिप्सियों (Roma Gypsy) को संघटित करके समाज की करीब ७५ साल सेवा की. उनके सामाजिक कार्य के लिए ‘दलित मित्र’ (Dalit Mitra) एवं ‘पद्मश्री’ (Padmashree) पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. विदर्भ में किसान आन्दोलन के समय में वे आचार्य दादा धर्माधिकारी और आचार्य विनोबा भावेजी से जुड़े थे.महाराष्ट्र के भूतपूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वसंतरावजी नाईक (Vasantraoji Naik) तथा दिवंगत सुधाकररावजी नाईक उनका अत्यंत आदर करते थे. उनके नेतृत्व में नई दिल्ली में बंजारा समाज सेवक शिबीर का आयोजन हुआ था. जिसमे भारत के प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिराजी गांधी (Indira Gandhi) एवं रक्षामंत्री दिवंगत यशवंतरावजी चव्हाण (Yashwantrao Chavan) उपस्थित थे. उनके व्यकिगत संबंध और व्यवहार से राजकीय नेता प्रभावित होते थे. उन्होंने यूरोप में स्थलांतरित घुमक्कड़ रोमा-जिप्सी को नागरीत्व का दर्जा मिले इसके लिये जर्मनी,युगोस्लाविया एवं इंग्लैंड में आयोजित ‘रोमानी –कांग्रेसो’, ‘रोमानी ऐकीपे’ सम्मेलन में सहभाग लिया.

उनकी समाज के प्रति अपर श्रध्दा और निष्ठा थी. दिवंगत रणजीत नाईक (Ranjeet Naik), कर्नाटक के भूतपूर्व मंत्री दिवंगत के.टी. राठोड़ और सोलापुर के आदरणीय चंद्राम चव्हाण गुरूजी उनके नेतृत्व में समाजकार्य करने में खुद को धन्य एवं भाग्यशाली समजते थे.

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Publish By: Govind Rathod

Tag: Padamashree Ramsingh Bhanawat jayanti, biography, E-Books, history

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